63032: मातरपितरावुदीचाम् ======================== **Padacheda:** मातरपितरौ | S | 1 | 2 | उदीचाम् | S | 6 | 3 | Sutrartha --------- **** Vasu English Summary -------------------- According to Northern Grammarians मातरपितरौ is a valid form. Vasu English Translation ------------------------ According to Northern Grammarians मातरपितरौ is a valid form. This is formed by अरङ् substitution of the ऋ of मातृ ॥ The other form is मातापितरौ ॥ Bhashya ------- मातरपितरावुदीचाम् (2891) (निपातनबोधकभाष्यम्) किं निपात्यते ? पूर्वोत्तरपदयोर्ऋकारस्यारारौ निपात्येते । मातरपितरौ भोजय, मातरपितरावानय, आ मा गन्तां पितरामातरा चा मा सोमो अमृतत्वाय गम्यात् ॥ इति श्रीभगवत्पतञ्जलिप्रणीते महाभाष्ये षष्ठाध्यायस्य तृतीये पादे प्रथममाह्निकम् ॥ Kashika ------- मातरपितरावित्युदीचामाचार्याणां मतेनारङादेशो मातृशब्दस्य निपात्यते। मातरपितरौ। उदीचामिति किम्? मातापितरौ॥ Siddhanta Kaumudi ----------------- मातरपितरौ । उदीचां किम् । मातापितरौ ॥ Prakriyasarvasvam ----------------- उदङ्मत एवं स्यात् । अन्यत्र मातापितरौ ॥