34015: अवचक्षे च ================ **Padacheda:** अवचक्षे | S | 7 | 1 | च | S | 0 | 0 | Sutrartha --------- **** Vasu English Summary -------------------- The word of अवचक्षे is an anomalous passive participle in the छन्दस् (Vedas). Vasu English Translation ------------------------ The word of अवचक्षे is an anomalous passive participle in the छन्दस् (Vedas). Thus रिपुणा नावचक्षे (*Rig*. IV. 58.5)=नावख्यातव्यम् । अव + चक्ष् + एश् = अवचक्षे । The *sutra* (2.4.54) is not applied here. Kashika ------- कृत्यार्थे छन्दसीत्येव। अवपूर्वाच् चक्षिङ एश् प्रत्ययो निपात्यते। रि॒पुणा॒ नाव॒चक्षे॑ (मा०सं० १७.९३)। नावख्यातव्यमित्यर्थः॥ Siddhanta Kaumudi ----------------- रिपुणा नावचक्षे (रि॒पुणा॒ नाव॒चक्षे॑) । अवख्यातव्यमित्यर्थः ॥ Padamanjari ----------- एश्प्रत्यय इति । शित्करणं सार्वधातुकत्वार्थम्, तेन चक्षिङ्ः ख्याञ् न भवति ॥ Nyaas ----- `एश्प्रत्ययो निपात्यते` इति। शित्करणं सार्वधातुकसंज्ञार्थम्। तेनार्धधातुके विधीयमानः सार्वधातुके `चक्षिङ ख्याञ्` (2.4.54) इति ख्याञादेशो न भवति॥ Prakriyasarvasvam ----------------- एतत्कृत्यार्थे स्यात् । रिपुणा नावचक्षे । Sutra Prayogas -------------- * **विद्युत्-प्रणाशं** (भट्टिकाव्यम्): `उपमाने कर्मणि च` इति चकारात् कर्तृवाचिनि विद्युच्छब्द उपपदे णमुल्।